Tuesday, November 29, 2022
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    Rajiv Gandhi Assassination Convict Nalini Sriharan Says She Cried For Days When Rajiv Gandhi Died- HindiNewsWala


    Rajiv Gandhi Assassination Case: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या (Rajiv Gandhi Assassination) के मामले में सालों तक जेल में बंद दोषियों को हाल ही में रिहा किया गया था. इसमें नलिनी और आरपी रविचंद्रन समेत छह आरोपी शामिल थे. रिहाई के बाद नलिनी श्रीहरन का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वह पूर्व पीएम की हत्या को लेकर कई दिनों तक रोई थीं. नलिनी का कहना है कि वह ‘कांग्रेस परिवार’ से हैं लेकिन उन पर राजीव गांधी की हत्या का आरोप है. 

    नलिनी ने कहा वह कांग्रेस परिवार से हैं, जब इंदिरा गांधी की मृत्यु हुई तो उन्होंने पूरे दिन खाना नहीं खाया था. उन्होंने कहा कि हम चार दिन से रो रहे थे. जब राजीव गांधी की हत्या हुई तब भी हम तीन दिनों तक रोते रहे लेकिन उन्हीं पर हत्या का आरोप है. उन्होंने कहा कि उन्हें तभी आराम मिलेगा जब वह सभी आरोपों से बरी हो जाएंगी. 

    ‘हत्या की होती तो जेल में नहीं होती’

    नलिनी ने कहा कि वह निर्दोष हैं लेकिन यह जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या वह जानती है कि पूर्व पीएम की हत्या के पीछे कौन था? उन्होंने कहा वह इस तरह किसी का नाम नहीं ले सकती हैं लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया होता तो वह 32 साल तक जेल में नहीं रहतीं. हालांकि, नलिनी के इस बयान के बाद अनुसूया अर्नेस्ट डेजी नाराज हो गईं, जो उस समय एक सब-इंस्पेक्टर थीं, विस्फोट के दौरान वह घायल हो गई थीं और उन्होंने अपनी अंगुलियां भी गंवा दी थीं. 

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    ‘कोर्ट को असली दोषियों का पता लगाना चाहिए’

    अनुसूया अर्नेस्ट ने इस पर कहा कि नलिनी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बोल रही हैं. अगर वह कहती हैं कि वह निर्दोष हैं और आरोपी नहीं हैं तो शायद कोर्ट को आदेश की समीक्षा करनी चाहिए और असली दोषियों का पता लगाने के लिए एक और जांच शुरू करनी चाहिए. दरअसल, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नलिनी ने ये सारी बातें कही थीं. 

    नलिनी ने खटखटाया था SC का दरवाजा

    रिहाई से पहले राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काटने वाली नलिनी श्रीहरन ने समय से पहले अपनी रिहाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. नलिनी ने मद्रास हाई कोर्ट के 17 जून के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उनकी जल्द रिहाई के लिए याचिका खारिज कर दी थी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सह-दोषी एजी पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था. हालांकि, कोर्ट ने बीते शुक्रवार (11 नवंबर) को मामले में सुनवाई करते हुए नलिनी समेत छह दोषियों को रिहा करने का निर्देश दे दिया था.

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